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Friday, September 27, 2013

सृजन

सभी मित्रों को मेरा नमस्कार!

आज के प्रसारण में आपके ही कुछ नए-पुराने लिंक्स लेकर उपस्थित हूँ. आशा है अपना आशीष प्रदान करेंगे.


प्रजातन्त्र में प्रजा ही, चुनती है सरकार। 
पाँच साल के बाद में, मिलता यह अधिकार।। 
उसको अपना वोट दो, जो हो पानीदार। 
संसद में...

छंद सरसी [16, 11 पर यति , कुल 27 मात्राएँ , पदांत में गुरु लघु] 
 चाक   निरंतर   रहे   घूमता, कौन   बनाता   देह | 
 क्षणभंगुर   होती...

प्रीतिलता वादेदार (बांग्ला : প্রীতিলতা ওয়াদ্দেদার) (5 मई 1911 – 23 सितम्बर 1932) भारतीय स्वतंत्रता संगाम की महान क्रान्तिकारिणी थीं।...

चाहता हूं 
रुक जाए गति पृथ्वी की 
काल से कहूं सुस्ता ले कहीं 
आज मुझे बहुत प्यार करना है ज़िन्दगी से। 
खोल दूंगा आज मैं 
अपनी उदास खिड़कियां...


नौ महीने 
अपनी कोख में सम्भाला 
पीड़ा सहकर 
लायी मुझे दुनिया में 
जानती हूँ बहुत दुःख सह, ताने सुन
 जन्म दिया मुझे 
मैंने सुना था, माँ! जब बाबा...

श्रीमदभगवद गीता अध्याय चार: श्लोक (६ -१०) प्रभु के अवतार का उद्देश्य  श्रीभगवानुवाच  बहुनि मे व्यतीतानी, जन्मानि तव...

जन्म: 1922, रायपुर में ,निधन: 1991 १.  ताज़ा हवा बहार की दिल का मलाल ले गई पा-ए-जुनूँ से हल्क़ा-ए-गर्दिश-ए-हाल ले गई जुरअत-ए-शौक़ के...

सूरज चमका नीलगगन में, फिर भी अन्धकार छाया   
धूल भरी है घर आँगन में, अन्धड़ है कैसा आया 
वृक्ष स्वयं अपने फल खाते, सरिताएँ जल पीती है...

आज बस इतना ही!
नमस्कार!

11 comments:

  1. बहुत सुन्दर चर्चा।
    आज पढ़ने को अच्छे लिंक मिले।
    आभार बृजेश जी।

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  2. काफी दिनों बाद प्रसारण पर आ सका... व्यस्तता अधिक थी...
    आया हूं तो सुंंदर लिंक पढ़ने को मिले।

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  3. बहुत सुन्दर सूत्र संजोये हैं आपनें !!
    आभार !!

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  4. सुन्दर प्रस्तुति-
    आभार आदरणीय-

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  5. बहुत सुन्दर सूत्रों का संयोजन
    मेरी रचना को स्थान देने के लिए हार्दिक आभार आ० बृजेश जी

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  6. रोचक व पठनीय सूत्रों से सजा प्रसारण

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  7. बेहद सुन्दर पठनीय सूत्र आदरणीय बृजेश भाई जी हार्दिक आभार आपका.

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  8. बहुत सुन्दर सूत्र संकलन बृजेश जी,हार्दिक आभार आपका।

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