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Wednesday, May 29, 2013

ब्लॉग प्रसारण : अंक 10.


खुद जी लिए तो जीना सिखायो सबको,
मुस्कराने का कोई रास्ता बतायो सबको!
|..सरिता भाटिया..|
नमस्कार.....
सब का 'ब्लॉग प्रसारण' पर स्वागत है 
मैं 
फिर ले आई हूँ आपके लिए कुछ चुनिंदा लिंक्स 
एक नजर डालिए अपना स्नेह दीजिए 
हमेशा की तरह 
अरुण शर्मा अनंत 
विकेश बडोला 
डॉ.रूप चन्द्र शास्त्री जी 
राजेंद्र कुमार 
फेसबुक से उड़ाई  
हमने लगाई 

मनु त्यागी 
प्रवीन मलिक 
उपासना सिआग 
अभिमन्यु भारद्वाज 
Bhatia College

एक और उड़ाई 

दीजिये सरिता भाटिया को इजाज़त 
फिर से नए लिंक्स सजाने के लिए 
शुभविदा ..

19 comments:

  1. वाह बहुत ही खूबसूरत लिंक्स. इन सूत्रों को संजोने में आपका परिश्रम साफ़ दृष्टिगोचर होता है..

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  2. बढ़िया सूत्र!
    हमें शामिल करने के लिए आङार!

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  3. बहुत ही सुन्दर सूत्र सजे हैं आज के प्रसारण में! बहुत बहुत आभार इन उपयोगी लिंक्स के लिए!

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  4. सरिता भाटिया जी खूबसूरत लिंक्स से सजा आज का ब्लॉग प्रसारण .... मेरी रचना को शामिल करने का हार्दिक आभार आपका भी और बाकि सदस्यों का भी जो लिंक तक पहुंचे ...
    सादर धन्यवाद .....

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  5. आदरणीया सरिता जी लाजवाब लिंक्स प्रस्तुतीकरण आपका समर्पण एवं श्रम दोनों ही सराहनीय है इस हेतु हार्दिक बधाई स्वीकारें.

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  6. तरह तरह के रंग आपके प्रसारण में
    बहुत सुंदर लिंक्स से सजा है आज का प्रसारण
    बढिया

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  7. सुन्दर सूत्रों से सजा प्रसारण !!

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  8. arun badhai
    vishesh rachna kona ke dono hi links khubsurat

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  9. अच्छे लिंक हे ! मेरे ब्लॉग पर भी पधारे और कोई पोस्ट अच्छी लगे तो उसे भी आपके ब्लॉग प्रसारण में जगह दे मुझे खुसी होगी ! मेरे ब्लॉग का पता हे !

    http://hiteshnetandpctips.blogspot.com

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  10. बहुत अच्‍छा कार्य किया है आपने, इस हेतु बधाई एवं धन्‍यवाद।

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  11. बहुत ही सुन्दर और सार्थक पठनीय लिंकों का चयन,आपका आभार सरिता जी.

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  12. बहुत बढ़िया ब्लॉग प्रसारण प्रस्तुति ..

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  13. @ प्यार का रोग....
    प्रिय अरुण शर्मा अनंत जी.....

    उम्र के साथ लग ही जाता है
    ये हँसाता है ,कभी रुलाता है
    भूख और प्यार का भी दुश्मन है
    नींद आँखों से भी चुराता है

    उम्र के अनुरूप की मतवाली, मस्ती भरी गज़ल के लिये बधाई........

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    1. हार्दिक आभार आदरणीय गुरुदेव श्री आपका अनमोल मनोहारी प्रतिउत्तर रचना में चार चाँद लगा दिए, सच कहूँ तो ग़ज़ल अधूरी थी अब जाकर पूर्ण हुई है. आशीष एवं स्नेह यूँ ही बनाये रखिये.

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  14. @ आदरणीय राजेंद्र कुमार ने अल्कोहल के दुष्परिणाम के साथ ही होम्योपैथी के उपचार भी अत्यंत ही सरल शब्दों में समझाये हैं, ऐसी पोस्ट जनहित में बहुत ही उपयोगी होती है.बधाई......

    तन्मय मय में हो गये, तन-मन दोनों स्वाह
    दारू - भट्ठी खा गई , सौतन - सी तनख्वाह

    ना पी भाई ! छोड़ दे , कर घर की परवाह
    लाखों ने कम उम्र में , नापी जीवन-राह

    हल्के - हल्के पी गया , अल्कोहल – हैवान
    हल कोई अब ढूँढिये, मिलजुल कर श्रीमान

    घर-मंदिर को भूल कर,मदिरालय से प्रीत
    सजनी को सदमा लगा, बच्चे हैं भयभीत

    पीने से घटता नहीं , बढ़ता है संताप
    कहा बुजुर्गों ने सदा, मदिरा पीना पाप

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  15. @ काश ! वो पल.......

    जीवन के सुनहरे पल अतीत बन जाने के बाद भी कभी-कभी स्मृति-पटल को अश्रुओं से नम कर देते हैं.

    कौन आयेगा विजन परदेस में
    मौन पलकें क्यों प्रतीक्षा में बिछी
    क्यों लहर में झूलता है चंद्रमा ?
    कौन तारा झील से टकरा गया ?????

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  16. बहुत ही सुन्दर सूत्र

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